
2016
पहली क्यारी
एक छोटे से खेत और आम की कुछ सौ कलमों से शुरुआत।
हमारी कहानी
2016 से हम उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए उन्नत कलमी पौधे तैयार कर रहे हैं — अपने मदर प्लांट से, अपने हाथों से।
सफ़र देखिए
सफ़र
जैसे-जैसे आप आगे बढ़ेंगे, तना भी बढ़ेगा।

2016
एक छोटे से खेत और आम की कुछ सौ कलमों से शुरुआत।

2018
हर किस्म के जाँचे हुए मदर पेड़ लगाए — कलम आज भी यहीं से आती है।

2020
नन्हे पौधों के लिए शेड-नेट; अमरूद, नींबू और किन्नू भी जुड़े।

2022
पूरे उत्तर प्रदेश में डिलीवरी — गाड़ी से सीधे खेत तक।

2024
नर्सरी बढ़कर 5 एकड़ हुई; सागवान, नीम और गुलमोहर भी आए।
2026आज
और अब ऑनलाइन — घर बैठे सूची बनाइए, WhatsApp पर ऑर्डर कीजिए।
संस्थापक की बात
जब हमने शुरुआत की, तब एक ही बात तय की थी — किसान को वही पौधा मिले जो हम अपने खेत में लगाएँ। आम का पेड़ बीस-तीस साल चलता है। गलत किस्म का एक पौधा किसान के इतने साल खराब कर देता है — इसलिए हर कलम हम अपने मदर प्लांट से ही लेते हैं।
संस्थापक का नाम
संस्थापक, SNP Biotech
हमारे वादे
हर किस्म की कलम अपने जाँचे हुए मदर पेड़ से — जो नाम बोला, वही किस्म।
भेजने से पहले हर पौधे की जड़, तना और पत्ते देखे जाते हैं।
कौन-सी किस्म, कब लगाएँ, कितनी दूरी पर — पहले यह बताते हैं।
पौधा लगाने के बाद कोई दिक्कत? फ़ोन कीजिए, हम बताएँगे।
नर्सरी की तस्वीरें
किसानों की ज़ुबानी
आम · कलमी पौधेयहाँ से लिए आम के पौधे तीसरे साल से फल देने लगे। किस्म भी वही निकली जो बताई थी।
अमरूद · ललितपौधे लगाने के बाद भी फ़ोन पर पूरी सलाह मिली। एक भी पौधा खराब नहीं हुआ।
सागवान · 500 पौधेबड़ा ऑर्डर था, फिर भी गाड़ी समय पर खेत तक आई और पौधे ताज़े थे।
पौधे चुनिए, सूची बनाइए — या सीधे नर्सरी आकर देखिए।